नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर हुए दर्दनाक इमारत हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है। पांच मंजिला इमारत के मलबे से अब तक 12 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है। हादसे के दूसरे दिन भी NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, पुलिस और अन्य बचाव दल लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हैं।
रविवार दोपहर अचानक ढह गई पांच मंजिला इमारत
यह हादसा 6 सितंबर को दोपहर करीब 1:30 बजे दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन की एक घनी बस्ती में हुआ। इमारत में छात्रों के लिए निजी PG/होस्टल संचालित किया जा रहा था। देखते ही देखते पूरी इमारत मलबे में तब्दील हो गई और कई लोग उसके नीचे दब गए।
12 लोगों को निकाला गया, मौत का आंकड़ा 7
रेस्क्यू टीमों ने अब तक कुल 12 लोगों को मलबे से बाहर निकाला है। इनमें से सात लोगों की मौत हो चुकी है। घायलों को AIIMS के जेपीएन एपेक्स ट्रॉमा सेंटर समेत अस्पतालों में इलाज के लिए भेजा गया।
मलबे के नीचे अभी कितने लोग फंसे हैं, इसका सटीक आंकड़ा सामने नहीं आया है। NDRF के IG नरेंद्र सिंह बुंदेला ने भी कहा है कि फिलहाल दबे हुए लोगों की निश्चित संख्या बताना संभव नहीं है। बचाव दल लगातार मलबे की जांच कर रहे हैं।
बेसमेंट में चल रहा था निर्माण कार्य
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसे के समय इमारत में मरम्मत और निर्माण से जुड़ा काम चल रहा था। रिपोर्टों के मुताबिक बेसमेंट में खुदाई का काम भी किया जा रहा था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या निर्माण कार्य से इमारत की नींव या स्ट्रक्चर कमजोर हुआ था।
कुछ रिपोर्टों में बेसमेंट में पानी जमा होने और इमारत की पुरानी संरचना को भी संभावित कारणों में शामिल किया गया है। हालांकि हादसे की अंतिम वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
इमारत करीब 50 साल पुरानी
गिरी हुई इमारत को करीब 50 साल पुराना बताया जा रहा है। इसका इस्तेमाल धीरे-धीरे PG के तौर पर किया जाने लगा था। स्थानीय लोगों ने इमारत में पहले से दरारें होने की बात कही है, जबकि MCD के मुताबिक उसे इस संरचना को लेकर कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी।
5 MCD अधिकारियों पर कार्रवाई
हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। MCD के पांच अधिकारियों को निलंबित किया गया है। इनमें साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर के अलावा वरिष्ठ और कनिष्ठ स्तर के इंजीनियर शामिल हैं। सरकार ने हादसे में जिम्मेदारी तय करने का संकेत दिया है।
इमारत मालिक के खिलाफ FIR
दिल्ली पुलिस ने इमारत के मालिक हरिराम और अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस ने लापरवाही, संरचना की देखरेख में चूक और लोगों की सुरक्षा खतरे में डालने जैसी धाराओं के तहत कार्रवाई की है। मालिक की तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगाई गई हैं।
मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि इमारत में निर्माण और मरम्मत का काम नियमों के मुताबिक हो रहा था या नहीं और संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई लापरवाही हुई थी या नहीं।
फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती मलबे में फंसे लोगों की तलाश और सुरक्षित रेस्क्यू है। बचाव दल भारी मशीनों के साथ स्निफर डॉग और अन्य तकनीकी उपकरणों की मदद से मलबे का एक-एक हिस्सा जांच रहे हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी तरह खत्म होने के बाद ही हादसे में प्रभावित लोगों की अंतिम संख्या स्पष्ट हो सकेगी।
