गाजियाबाद में आर्थिक तंगी और ऑनलाइन गेम की लत ने तीन सगी बहनों की ज़िंदगी छीन ली

तीन सगी बहनों ने उठाया जीवन का आखिरी कदम, ऑनलाइन गेम और आर्थिक कठिनाइयों का मिला सुराग:

सार

गाजियाबाद में तीन सगी बहनों ने आर्थिक तंगी और मोबाइल गेम की लत के चलते 9वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। परिवार की वित्तीय मुश्किलें, स्कूल न जाना और डिजिटल आदतें उनकी मानसिक स्थिति पर भारी पड़ी। पुलिस जांच जारी है, गेम को संभावित ट्रिगर माना जा रहा है।

गाजियाबाद में आर्थिक तंगी और ऑनलाइन गेम की लत ने तीन सगी बहनों की ज़िंदगी छीन ली

गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज खबर सामने आई है। भारत सिटी सोसायटी, लोनी में तीन सगी बहनों निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12)  ने कथित तौर पर 9वीं मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी। घटना 4 फरवरी 2026 की रात लगभग 2:15 बजे हुई।

गाजियाबाद में तीन सगी बहनों ने आर्थिक तंगी और मोबाइल गेम की लत के चलते 9वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। परिवार की वित्तीय मुश्किलें, स्कूल न जाना और डिजिटल आदतें उनकी मानसिक स्थिति पर भारी पड़ी। पुलिस जांच जारी है, गेम को संभावित ट्रिगर माना जा रहा है।


परिवार की आर्थिक परेशानियाँ

पुलिस और पड़ोसियों के अनुसार, परिवार लंबे समय से आर्थिक संकट में था। पिता चेतन कुमार ने बताया कि घर पर कर्ज़ और वित्तीय तंगी के कारण कई मुश्किलें थीं। घर का बिजली कनेक्शन भी बिल न भर पाने के कारण काट दिया गया था, और बच्चों की पढ़ाई बाधित हो गई थी।

बच्चियों की स्कूल फीस न होने के कारण तीनों बहनें स्कूल नहीं जाती थीं और घर पर ही रहती थीं। इसी वजह से उनका अधिक समय मोबाइल और ऑनलाइन गेम्स में व्यतीत होने लगा।


डिजिटल आदत और ऑनलाइन गेम्स

पुलिस जांच में पता चला कि लड़कियाँ टास्क-बेस्ड कोरियन गेम्स की आदत में थीं। इस गेम में लगातार चैलेंज दिए जाते थे और लड़कियों ने इसे गंभीरता से लेना शुरू कर दिया था। घर के हालात और मोबाइल पर पहले की गई रोक के कारण लड़कियों में तनाव और नाराज़गी भी बढ़ रही थी।

पिता ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उन्हें गेम की खतरनाक प्रकृति का पता नहीं था। पुलिस ने मोबाइल फोन, डायरी और अन्य डिजिटल सामग्री को जब्त कर सभी एंगल से मामले की जांच शुरू कर दी है।


पुलिस की शुरुआती जांच

पुलिस का कहना है कि यह मामला सिर्फ़ आर्थिक तंगी या मोबाइल गेम्स तक सीमित नहीं है। इसमें डिजिटल लत, सामाजिक अलगाव, पढ़ाई का अभाव, और मानसिक दबाव भी शामिल हैं। शुरुआती जांच में कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला है कि गेम ने सीधे आत्महत्या के लिए निर्देश दिया हो, लेकिन इसे संभावित ट्रिगर के तौर पर देखा जा रहा है।


पड़ोसियों और पिता का बयान

पड़ोसियों ने बताया कि परिवार लंबे समय से वित्तीय कठिनाइयों का सामना कर रहा था। पिता चेतन कुमार ने कहा, “हमने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन हमें इस गेम के खतरनाक पहलुओं का पता ही नहीं था। हमारी बेटियाँ अपनी दुनिया में खो गई थीं।”








निष्कर्ष

तीनों बहनों की मौत ने एक बार फिर बच्चों की मानसिक स्वास्थ्य, डिजिटल आदतों और परिवार की आर्थिक परिस्थितियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच जारी है और सभी डिजिटल सबूतों का विश्लेषण किया जा रहा है।

यह घटना न केवल गाजियाबाद, बल्कि पूरे देश के लिए चेतावनी है कि बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों और मानसिक स्वास्थ्य पर सावधानी और निगरानी बहुत जरूरी है।

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