उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की महीनों की मेहनत को नुकसान पहुंचाया है। प्रदेश के कई जिलों में तैयार धान की फसल बारिश के पानी में डूब गई है, जबकि तेज हवाओं के चलते कई जगह फसल जमीन पर बिछ गई। दाना बनने और पकने की कगार पर पहुंची धान की फसल पर बारिश की सबसे ज्यादा मार पड़ी है।
बरेली, बदायूं, हरदोई, बहराइच, शाहजहांपुर, अलीगढ़, सुल्तानपुर, लखनऊ, बाराबंकी और लखीमपुर खीरी समेत कई इलाकों में खेतों में जलभराव की स्थिति सामने आई है। कई जगह खेत तालाब जैसे नजर आ रहे हैं। धान के साथ मक्का और अरहर की फसलें भी पानी की चपेट में हैं।
लगातार पानी भरे रहने से तैयार धान के सड़ने और गुणवत्ता खराब होने का खतरा बढ़ गया है। किसानों के लिए चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि फसल तैयार करने में बीज, खाद, सिंचाई और मजदूरी पर महीनों से खर्च किया गया है।
अब किसानों की नजर प्रशासन की ओर है। कई इलाकों में फसल नुकसान का सर्वे शुरू कराया जा रहा है। किसानों को उम्मीद है कि नुकसान का सही आकलन कर उन्हें जल्द राहत और मुआवजा दिया जाएगा।
