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इंदौर में जल संकट पर कांग्रेस का बड़ा हल्ला बोल, राजवाड़ा से नगर निगम तक निकाला विरोध मार्च

इंदौर में जल संकट को लेकर सियासत गरमा गई है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और भी तूल पकड़ सकता है।

इंदौर शहर में गहराते जल संकट को लेकर कांग्रेस ने रविवार शाम राजवाड़ा पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया


भोपाल: इंदौर शहर में गहराते जल संकट को लेकर कांग्रेस ने रविवार शाम राजवाड़ा पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में प्रदेश और शहर स्तर के कई नेता, कार्यकर्ता, महिलाएं और बड़ी संख्या में समर्थक शामिल हुए। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर इलाके में भारी बल तैनात किया था।

धरने के दौरान पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने नगर निगम और महापौर पर तीखा हमला करते हुए उन्हें “ऐक्सिडेंटल महापौर” कहा। वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महापौर के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए “महापौर मुर्दाबाद” के नारे लगाए।

पानी संकट को लेकर जनता की नाराजगी का दावा

कांग्रेस का आरोप है कि इंदौर के कई इलाकों, कॉलोनियों और बस्तियों में गंभीर जल संकट बना हुआ है। लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है और टैंकरों की व्यवस्था भी नाकाफी साबित हो रही है। कई जगहों पर लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है, जिससे स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी है।



धरने में शामिल महिलाओं ने भी पानी की समस्या को लेकर विरोध जताया। महिलाएं हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर पहुंचीं और नगर निगम व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

राजवाड़ा से नगर निगम तक मार्च और मटका प्रदर्शन

कांग्रेस शहर अध्यक्ष और नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि यह आंदोलन जल संकट और नगर निगम की कथित लापरवाही के खिलाफ है। उन्होंने महापौर के इस्तीफे की मांग भी दोहराई।

धरने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राजवाड़ा से नगर निगम कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारी खाली मटके लेकर पहुंचे और नगर निगम गेट पर प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराने की तैयारी की।

प्रदर्शन में कई स्थानों से भीड़ जुटाई गई और विभिन्न वार्डों से कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शहर में पानी की समस्या गंभीर होती जा रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि समाधान में विफल हैं।

विरोध का अलग अंदाज, मटकों पर जनप्रतिनिधियों की तस्वीर

प्रदर्शन के दौरान खाली मटकों पर शहर के जनप्रतिनिधियों की तस्वीरें और “इंदौर की जनता प्यासी है” जैसे नारे चस्पा किए गए। कांग्रेस का कहना है कि यह प्रतीकात्मक विरोध है, जिससे जनता की परेशानी को उजागर किया जा सके।


वहीं दूसरी ओर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज रही, जिसमें सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा।

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